क्या मालदीव की जनता ने भारत को ख़ुशी दी है?
मालदीव के लोगों ने जनादेश विपक्ष के साझे उम्मीदवार इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के पक्ष में दिया है. मालदीव में रविवार को भारी संख्या में लोग मतदान करने के लिए अपने घरों से निकले थे. मतों की गिनती लगभग पूरी होने वाली है और इब्राहिम मोहम्मद सोलिह जिन्हें लोग प्यार से इबु कहते हैं, वो अपने प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला यामीन से 17 फ़ीसदी मतों से आगे हैं. 59 साल के यामीन ने अभी तक हार स्वीकार नहीं मानी है लेकिन सोलिह ने राजधानी माले में जीत का दावा किया है. उन्होंने कहा, ''यह ख़ुशी और उम्मीद का पल है. यह ऐतिहासिक है. मैं उन सबको धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने लोकतंत्र की लड़ाई में साथ दिया.''थानीय निगरानी स मूह ट्रांसपैरेंसी मालदीव का कहना है कि अब तक के रुझानों में सोलिह को निर्णायक बढ़त मिल गई है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यामीन के लिए दूसरे कार्यकाल की लड़ाई पहले से ही मुश्किल लग रही थी. यामीन के ख़िलाफ़ देश का पूरा विपक्ष एक मंच पर आ गया था. हालांकि कइयों को आशंका थी कि यामीन ने जिस तरह से देश के सुप्रीम कोर्ट, निर्वाचन आयोग और मीडिया पर अपना नियंत्रण कायम किया...