कांग्रेस नेता का दावा, 'मैंने सेंट्रल हॉल में माल्या को जेटली से मिलते देखा था'

देश के हज़ारों-करोड़ लेकर फरार चल रहे कारोबारी विजय माल्या के एक बयान से भारत की राजनीति में भूचाल आ गया है. बुधवार को लंदन में विजय माल्या ने दावा किया कि भारत छोड़ने से पहले वह वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले थे. जिसके बाद विपक्ष अरुण जेटली का इस्तीफा मांगने में जुटा है.
इस बीच कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने भी दावा किया है कि उन्होंने अरुण जेटली को विजय माल्या से मिलते हुए देखा था. दरअसल, बुधवार को जैसे ही माल्या ने इस मुलाकात का जिक्र किया. उसके कुछ ही देर बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बयान जारी करते हुए सफाई दी कि वह माल्या से मिले थे, लेकिन वह मुलाकात आधिकारिक नहीं थी.
इसके बाद कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि अरुण जेटली झूठ बोल रहे हैं, मैंने सेंट्रल हॉल में उन्हें माल्या के साथ लंबी बैठक करते हुए देखा था. ये बैठक माल्या के लंदन के लिए जाने से दो दिन पहले हुई थी.  
माल्या ने दिया था ये बयान...
विजय माल्या ने बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था. लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने कहा कि उसने मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी.
अरुण जेटली ने दी थी सफाई...
अरुण जेटली ने फेसबुक पर इस संबंध में सफाई देते हुए कहा, 'माल्या का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है. मैंने 2014 से अब तक उन्हें मिलने का टाइम नहीं दिया. वह राज्यसभा सदस्य थे और कभी-कभी सदन में आया करते थे. मैं सदन से निकलकर अपने कमरे में जा रहा था, इसी दौरान वह साथ हो लिए. उन्होंने समझौते की पेशकश की थी, जिस पर मैंने उन्हें रोकते हुए कहा कि मेरे साथ बात करने का कोई फायदा नहीं, यह प्रस्ताव बैंकों के साथ करें.'
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( ) अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी अपने एक कार्यक्रम 'भविष्य का भारत' में शामिल होने के लिए न्योता देने जा रहा है. इससे पहले संघ अपने एक अन्य कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आमंत्रित कर चुका है.
दिल्ली के विज्ञान भवन में 17 सितंबर से शुरू हो रहे अपने 3 दिवसीय कार्यक्रम में संघ राहुल गांधी को बुलाए जाने की तैयारी कर रहा है. संघ की योजना है कि राहुल गांधी को इसके लिए निजी तौर पर आमंत्रित किया जाए.
आरएसएस का 'भविष्य का भारत' कार्यक्रम पिछले काफी दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है. इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए संघ की ओर से दुनियाभर के कुल 70 देशों को निमंत्रण भेजा जाएगा.
संघ अपने कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, मीडिया से जुड़े लोगों, धार्मिक संगठनों और अन्य कई देशों के प्रतिनिधियों को निमंत्रित कर रहा है. हालांकि इसमें पाकिस्तान से किसी भी प्रतिनिधि को नहीं बुलाया जा रहा.
इस कार्यक्रम में एक तरह से पूरी लेक्चर सीरीज होगी. कार्यक्रम के पहले दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत का भाषण होगा, जिसमें वह आरएसएस के विचार रखेंगे. इस कार्यक्रम के दौरान वह आम जनता से भी सीधे संवाद भी कर सकते हैं.
इसके अलावा संघ जल्द ही सभी चिन्हित देशों को आधिकारिक तौर पर निमंत्रण देना शुरू करेगा. आरएसएस का कहना है कि कई देशों के उच्चायोग को निमंत्रण भेजा जाएगा, लेकिन पाकिस्तान को नहीं भेजा जाएगा. इस कार्यक्रम में देश के भविष्य और उसमें आरएसएस के रोल के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी.
आरएसएस की ओर से आयोजित किया जा रहा यह कार्यक्रम अपने तरह का पहला कार्यक्रम है.

Comments

Popular posts from this blog

#HelloBrother: "مرحبا أخي" عبارة استقبل بها القتيل قاتله

सैकड़ों लोग सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को मोदी की रैली का बताते हुए शेयर कर चुके हैं

كشف سبب تحطم مروحية مالك ليستر سيتي